- सुरक्षा प्रहरियों से लड़ाई झगड़ा करने के भी आरोपी निकले
सारनी। पिछले कुछ दिनों से चोरी की वारदातों में बढ़ोत्तरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद के हस्तक्षेप के बाद पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी राहुल रघुवंशी को हटाकर रानीपुर में पदस्थ एसआई रवि शाक्य को पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया। जिसके बाद पूर्व में घटित हुई चोरी का खुलासा नवनियुक्त पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी रवि शाक्य के द्वारा किया गया। पाथाखेडा में घर में घुसकर चोरी करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ करने पर दो चोरियों का खुलासा हुआ। इसके साथ ही वे सुरक्षा प्रहरियों के साथ लड़ाई झगड़ा कर शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोपी भी निकले। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस थाना सारनी में फरियादी देवेन्द्र साहू निवासी जगजीवन नगर पाथाखेड़ा ने रिपोर्ट की थी कि उसके घर के अन्दर रात्रि में किसी ने घुसकर नगदी रुपये चोरी कर लिए। रिपोर्ट पर धारा 459,380 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की पड़ताल के लिए पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी के निर्देशन में एसडीओपी सारणी रोशन कुमार जैन एवं थाना प्रभारी रत्नाकर हिग्वे के द्वारा टीम का गठन किया गया। गठित टीम में पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी रवि शाक्य,सहायक उपनिरीक्षक एसएस हुसैन, एसएस इरपाचे, आरक्षक सोनू सूर्यवंशी, गजानन्द, आशीष, कमलेश को शामिल किया गया। प्रकरण की विवेचना दौरान मुखबीरों से प्राप्त जानकारी अनुसार सन्देही बिट्टू उर्फ प्रथम पिता रंजीत वर्मा उम्र 19 साल, भूरा उर्फ राम पिता मंगर उज्जनवार उम्र 31 साल और विशाल पिता पिल्लू लाहोरिया उम्र 35 साल निवासी जगजीवन नगर पाथाखेडा से चोरी के संबंध में पूछताछ की गई। जिन्होंने अपने अन्य साथी मनोज पासवान निवासी पाथाखेड़ा के साथ चोरी करना स्वीकार किया। उनसे चोरी किए गए नगदी रुपये बरामद किए गए।आरोपियों से फरियादी राजेश गुलबाके निवासी राजेन्द्र नगर पाथाखेड़ा के पर में हुई चोरी एवं 28 मई 2022 को छतरपुर-2 खदान पाथाखेडा में रात्रि में सुरक्षा प्रहरियों के साथ लड़ाई झगड़ा कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के संबंध में पूछताछ भी की गई। इस पर आरोपी बिट्ट उर्फ प्रथम पिता रंजीत वर्मा और भूरा उर्फ राम पिता मंगर ने अपने अन्य दो साथी मनोज पासवान निवासी पाथाखेड़ा एवं प्रतीक उर्फ बंगाली निवासी ओझाढाना के साथ मिलकर दोनों घटना कारित करना स्वीकर किया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।