- किसानों को नही मिल रही सुविधाए ,वेयरहाउस कोल्डस्टोरेज की नही है व्यवस्था
आमला। सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने अनेको योजनाए संचालन कर रही है वही किसानों आधुनिक संसाधन मुहैया करवाने भरसक प्रयास कर रही है लेकिन ब्लाक के किसानों को आज तक शासन स्तर से फसलों के अच्छे उत्पादन होने के बाद भी भंडारण करने वेयरहाउस कोल्डस्टोरेज की व्यवस्था नही कर पाए है जबकि बैतूल सहित अन्य शहरों में पिछले 20 वर्षों से वेयरहाउस व कोल्डस्टोरेज अन्य सुविधाए किसानों के लिए उपलब्ध है ।आवश्यक सुविधाए नही मिलने छोटे किसान खेती से लाभ नही ले पा रहे वही सब्जियां उत्पादन करने वाले कृषक अब अपने परिवार का पालन पोषण करने या तो मजबूरी में दलालों को उपज कम दामो में बेचने को मजबूर है या छोटे कृषक दलालों से सब्जी खरीद बेचने को मजबूर है। पिछले कुछ सप्ताह से बाजार में सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे है जिसके चलते आमजनों का बजट बिगड़ गया है ।नगर के साप्ताहिक लगने वाले बाजारों में बढ़ते दामों के कारण सब्जी खरीदारों को खासी परेशानी हो रही है।साप्ताहिक बाजार शनिवार टमाटर 60 रुपये किलो , प्याज 30 आलू 25 तो भटे 60,फूल गोभी 80 रुपये किलो तथा करेले ,लोकी, बरबटी सहित हरि सब्जियां व भाजिया 60 किलो तक बिकी ।नगर के अमित शर्मा ,रामदास विश्वकर्मा,संतोष पांडे ने बताया पिछले कुछ सप्ताह से लगातार बाजार में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे है जिसके चलते गरीब व आमजनों को परेशानी हो रही है ।
ब्लाक में सब्जी उत्पादन घटा ,गन्ने की फसल का रकबा बड़ा
गौरतलब होगा की ब्लाक में इस वर्ष सब्जी उत्पादन का रकबा काफी घट गया है ।ब्लाक के ग्राम रमली ,परसोडा, जम्बाडा ,रम्भाखेड़ी,परसोडी,तोरणवाड़ा, रानीडोंगरी,जम्बाडी सहित अन्य कुछ ग्रामो से टमाटर भटे,मिर्ची सहित अन्य सब्जियों का भारी उत्पादन हुआ करता था लेकिन 1 वर्ष से इन ग्रामो में सब्जियों का उत्पादन घट गया है वही ब्लाक में लगभग 80 प्रतिशत गन्ने की फसल का रकबा बड गया है ।रमली के किसान दीना दौड़के ने बताया समय पर बिजली नही मिलने व सब्जियों के समर्थन भाव तय नही होने व 2 बार लगे लाकडाउन से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है जिसके कारण सब्जीयो की फसल लगाना कम हो गया है।
ब्लाक में अभी तक नही है वेयरहाउस, कोल्डस्टोरेज
ब्लाक में अब तक एक भी वेयर हाउस व कोल्डस्टोरेज निर्माण नही हो पाए है जिसके कारण किसानों की आलू प्याज सहित मोटा अनाज रखने की कोई व्यवस्था नही होने से वे फसलों को भंडारण नही कर पाते है ।किसान उमेश गडेकर ने बताया ब्लाक में भारी पैमाने पर गेहूं मक्का का उत्पादन होता है जिसे अधिकत्तर किसानों को वेयरहाउस नही होने से कम दामो पर बेचना पड़ता है अगर वेयरहाउस होते तो किसान अपनी फसलों को खराब मौसम से बचाकर मुनाफा कमा पाते ।वही कोल्डस्टोरेज की सुविधा से आलू व अन्य फसलों को भंडारण किया जा सकता था। मालेगाव के सुकू यादव ने बताया ब्लाक में वेयरहाउस और कोल्डस्टोरेज काफी आवश्यक है बढ़ती गर्मी और तेज तापमान के कारण सैकड़ो किसानों का गुड़ पिघलकर खराब हो गया वही दाम कम होने से किसानों ने अपने खेतों व अन्य गोडाउनो में गुड़ भंडारण किया था।