- नेशनल सेफ्टी अवार्ड 2020-22 में मिला पाथाखेड़ा को
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड पाथाखेड़ा क्षेत्र की भूमिगत खदानों में सुरक्षा के साथ कोयले का खनन किए जाने को लेकर तीन पुरस्कार मिले हैं जिसमें प्रथम पुरस्कार तवा उपक्षेत्र,शोभापुर माइंस और छतरपुर वन खदान शामिल है। जिसमें शोभापुर खदान बंद हो चुकी है। पाथाखेड़ा क्षेत्र की छतरपुर वन – 2020 का नेशनल सेफ्टी अवार्ड नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 17 मार्च को भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के द्वारा दिया गया। डब्ल्यूसीएल की भूमिगत खदान में काम करने वाले नरेंद्र बरोदे ने बताया कि कोल इंडिया की समस्त भूमिगत खदानों में उत्पादन एवं उत्पादकता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली माइंस को यह अवार्ड देने का कार्य किया जाता है। 2 वर्ष से कोरोना कॉल होने की वजह से यह अवार्ड 17 मार्च 2022 को दिया गया है।इस अवार्ड को लेने के लिए छतरपुर माइंस के उप क्षेत्रीय प्रबंधक एस संजीव रेड्डी एवं वर्क स्पेक्टर सुग्रीव झरबड़े को कोल मंत्री प्रह्लाद जोशी के माध्यम से दिया गया। उप क्षेत्रीय प्रबंधक एस संजीव रेड्डी ने बताया कि यह पाथाखेड़ा क्षेत्र का सौभाग्य है कि पाथाखेड़ा क्षेत्र में सुरक्षा के साथ उत्पादकता का ध्यान रखकर कोयले का खनन किया जाता रहा है। जिसे देखते हुए छतरपुर वन खदान जो आई एस ओ है और कोल इंडिया में सुरक्षा के साथ बेहतर कोयले का खनन करते चली आ रही है। इसलिए इस खदान को नेशनल सेफ्टी अवार्ड से सम्मानित करने का कार्य किया गयाहै। उन्होंने बताया कि इसके अलावा तवा उपक्षेत्र और पाथाखेड़ा क्षेत्र की बंद हो चुकी भूमिगत खदान शोभापुर को भी इस सम्मान से नवाजे का कार्य किया गया है। शनिवार को संपूर्ण क्षेत्र की खदानों में इस सम्मान एवं शील्ड को माइंस प्रांगण में रखकर समस्त अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुरक्षा के साथ उत्पादन किए जाने का संकल्प लिया गया छतरपुर माइंस में इस अवसर पर जे वी एस पी राव,पीके सरकार, नंदू कुमार,अजय शिवाजी राव,सचिन नागर,एके भूमरकर,नरेंद्र वरोदे, करण विश्वकर्मा सहित क्षेत्र के पांचों श्रमिक संगठन के पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।