सारनी। नगर पालिका परिषद सारनी के विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले सामाजिक व सार्वजनिक कार्यों के बाद गंदगी फैलाने वालों पर अब नगर पालिका सख्ती से कार्यवाही करेगी। इसकी शुरूआत भी हो गई है। नगर पालिका ने 30 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इतना ही नहीं कार्यक्रम करने वाले और जिस स्थान पर कार्यक्रम होंगे वहां के भूमि मालिक पर भी कार्यवाही होगी।

नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों के बाद गंदगी को यथावत रहने दिया जाता है। कार्यक्रम के बाद बचे दोने, पत्तल, पन्नी, प्लास्टिक व डिस्पोजल के कारण नगर में गंदगी फैलती है। साथ ही बचे भोज्य पदार्थ से बदबू से लोग परेशान होते हैं। मुख्यतः विवाह, रिटायरमेंट एवं जन्मदिन आदि के कार्यक्रमों के बाद ऐसा देखने को मिलता है। शिकायतें आने के बाद नगर पालिका ने इसे गंभीरता से लिया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सी.के. मेश्राम ने बताया कि ऐसा करने वालों को नगर पालिका की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें कार्यक्रम के पश्चात शेष बची समस्त सामग्री का उचित निपटान करने के लिए निर्देशित किया गया है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ नगर पालिका 1961 के तहत वर्णित नियमों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। स्वच्छ भारत अभियान के नगर पालिका सारनी के नोडल ऑफिसर के.के. भावसार ने बताया कि नपा की राजस्व शाखा के प्रभारी हितेश शाक्य द्वारा गंदगी फैलाने वाले ऐसे तकरीबन 30 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें टेंट संचालक, कैटर्स, मैरेज लॉन संचालक, विभिन्न मंगल भवनों के व्यवस्थापक, शादियों के लिए ग्राउंड मुहैया कराने वाले संस्थानों को भी सूचना पत्र जारी किया गया है। श्री भावसार ने बताया कि इसके अलावा समस्त व्यावसायिक क्षेत्रों की दुकानों को भी इसके दायरे में लिया गया है। यहां भी कचरा मिलने पर संबंधित पर कार्यवाही की जाएगी। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी और वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड की रिहायशी कॉलोनियों के आवासों के आस – पास गंदगी होने पर संबंधित संस्थान एवं आवास में रहने वालों पर नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। कचरा फेंकने की बजाय वार्डो, कॉलोनियों और बाजारों में आने वाले कचरा वाहनों को देना चाहिए। जिस स्थान पर इनके आयोजन होते हैं आयोजक एवं भू स्वामी जिम्मेदारी पूर्वक वहां की सफाई करें। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।

75 माइक्रोन से कम की पालीथीन, प्लास्टिक, थर्मोकोल डिस्पोजल प्रतिबंधित

श्री भवसार ने बताया कि 75 माइक्रोन से कम की पॉलीथिन सख्ती से प्रतिबंध लगाया गया है। दुकानों में यदि उक्त पालीथीन मिलती है तो 5 हजार तक का जुर्माना हो सकता है। इसी तरह उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे प्लास्टिक एवं थर्मोकोल के डिस्पोजल ग्लास, दोने, पत्तल और कटोरियां पहले ही प्रतिबंधित की जा चुकी है। सार्वजनिक, सामाजिक कार्यक्रमों में इनका उपयोग नहीं होना चाहिए।

By Vishal

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