सारनी। विधुत वितरण कंपनियों के निजीकरण के विरोध एवं  विधुत संशोधन अधिनियम 2021 के  विरोध मे मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम फार एमपलाइज एंड इंजीनियर्स  द्वारा एक दिन का  सांकेतिक कार्य का बहिष्कार एवं मोबाइल बंद रखने का सर्वानुमति से यूनाइटेड फोरम ने निर्णय  लिया है ।यूनाइटेड फोरम के  संयोजक वी के एस परिहार ने बताया कि  मध्यप्रदेश  यूनाइटेड फोरम के आव्हान पर  सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में फोरम के घटक संगठनो ने 10 अगस्त को कार्य बहिष्कार किया ।मध्यप्रदेश के   बिजली कंपनीयो के निजीकरण के विरोध में पूरे प्रदेश में असंतोष है । कर्मचारी यूनियनो ने सरकार को चेताया कि उनकी मांगो  का समाधान नहीं किया तो आगामी 24 अगस्त से 26अगस्त  तक लगातार कार्य बहिष्कार कर आन्दोलन किया जाएगा ।  केंद्र सरकार द्वारा वितरण कंपनियों के निजीकरण  एवं जारी स्टैण्डर्ड बिड डाकयूमेट को मध्यप्रदेश में  लागू नहीं किया जाए  । प्रदेश  में कार्यरत सभी संविदा कर्मचारी/अधिकारीयो  को बिहार एवं  आंध्रप्रदेश सरकार की तरह नियमित करना।मध्यप्रदेश राज्य  विद्युत मंडल के कार्मिको को  पेंशन की सुनिश्चित व्यवस्था उत्तर प्रदेश शासन की तरह , गारंटी लेकर पेंशन ट्रेजरी से दी जाए । अधिकारी/ कर्मचारीयो की  O3 * वेतन विसंगतियों को दूर करना । कंपनी कैडर के कार्मिको को एवं संविदा कर्मीयो को 50 % साथ ही सेवा निवृत्त कार्मिकों को 25 % विद्युत  छुट देना। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्थगित किये गये महंगाई भत्ते ओर केंद्र सरकार  के  समान 28 % मंहगाई भत्ता भुगतान किया जावे। इस मौके पर फोरम के संयोजक कुंदन सिंह राजपूत ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण असंतोष है। समय रहते सरकार  यूनाइटेड फोरम के साथ चर्चा करे। पिछले 6 माह से लगातार मध्यप्रदेश शासन से पत्राचार करने के  बाद भी  सरकार कुंभ करण की नींद सो रही है । निजीकरण आम उपभोक्ताओ के हित में नहीं है । मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम जनरेशन सारनी के प्रचार सचिव अंबादास सूने ने कंपनी अथवा मंडल के कार्मिको को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है तभी हम अपने बिजली उधोग को निजीकरण से एवं अपनी सुविधाओ को बचा सकते हैं । 10 अगस्त को कार्य बहिष्कार आन्दोलन की जानकारी सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता सरज चौहान को पत्र लिखकर दी गई है । इस मौके पर सभी संगठन से कुंदन सिंह राजपूत,देवधर देशमुख,अंबादास सूने,बी आर घोड़की ,विश्वनाथ बारस्कर उपस्थित थे ।

By Vishal

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