- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने गोद लिए बच्चों के साथ की श्रीगणेश की पूजा-अर्चना-आरती
- स्नेहपूर्वक कराया सहभोज, संवाद कर पढ़ाई और भविष्य के सपनों की ली जानकारी
बैतूल। सेवा केवल सहायता देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि किसी के जीवन में अपनत्व और परिवार जैसा भरोसा पैदा करना भी सच्ची सेवा का भाव है। इसी मानवीय संवेदना के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने शनिवार को विजय सेवा न्यास द्वारा गोद लिए गए बेसहारा बच्चों को अपने बैतूल स्थित निवास पर आमंत्रित कर उनके साथ गणेश उत्सव मनाया। बच्चों ने श्री खण्डेलवाल और उनके परिवार के साथ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना एवं आरती की। इसके बाद सभी बच्चों और उनके पालकों को स्नेहपूर्वक सहभोज कराया गया। गणेश उत्सव के इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके विचार सुनें। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिक्षा, रोजगार और उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग निरंतर जारी रहेगा। श्री खण्डेलवाल ने कहा कि बच्चों के साथ केवल सेवा का नहीं, बल्कि अपनत्व और परिवार जैसा भावनात्मक रिश्ता है। यह रिश्ता निरंतर मजबूत होता रहे यही हमारा प्रयास है।
44 परिवारों के 69 बच्चों की शिक्षा की ली जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष के तहत देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल द्वारा बीते वर्षों से विजय सेवा न्यास के माध्यम से विभिन्न सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं। श्री खण्डेलवाल ने अपने पिता एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय विजय कुमार खण्डेलवाल की स्मृति में स्थापित विजय सेवा न्यास के माध्यम से बीते दो वर्षों से सेवा के विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाया है। न्यास के ‘बेसहारा को सहारा’ सेवा प्रकल्प के अंतर्गत विभिन्न घटनाओं एवं दुर्घटनाओं में माता-पिता अथवा परिजनों को खोने वाले बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक 44 परिवारों के 69 बेसहारा बच्चों को गोद लेकर उनकी कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई की जिम्मेदारी ली गई है। निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की फीस विजय सेवा न्यास द्वारा जमा कराई जा रही है। वहीं शासकीय स्कूलों एवं छात्रावासों में अध्ययन करने वाले बच्चों को भी प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रत्येक बच्चे को शैक्षणिक सामग्री के लिए प्रतिवर्ष 2 हजार रुपये तथा उनके पालकों को 20 हजार रुपये की व्यक्तिगत आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
बच्चों के साथ उनके परिवारों की भी चिंता
विजय सेवा न्यास केवल बच्चों की शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी परवरिश और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के प्रयास भी कर रहा है। बच्चों की देखभाल करने वाले पालकों की योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि परिवार आत्मनिर्भर बन सकें। नववर्ष और विभिन्न तीज-त्योहारों पर बच्चों को अपने निवास पर आमंत्रित कर उनके साथ समय बिताना, संवाद करना और परिवार के साथ सहभोज करना श्री खण्डेलवाल के इस सेवा प्रकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी क्रम में गणेश उत्सव पर बच्चों के साथ मनाया गया यह आयोजन सेवा के साथ संवेदना, संरक्षण के साथ अपनत्व और सहायता के साथ आत्मविश्वास देने की पहल के रूप में सामने आया।