- डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के विचारों और बलिदान से साकार हो रहा एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संकल्प
- प्रदेश में यूसीसी लागू करने के लिए व्यापक जनसंवाद और हर वर्ग की राय को दिया जा रहा महत्व -डॉ. मोहन यादव
- डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी का सर्वोच्च बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत
- डॉ. मुखर्जी मौलिक चिंतक, राष्ट्रवादी विचारक, भारतीय जीवन मूल्यों के संस्कारित पुजारी थे -हेमंत खण्डेलवाल
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमन्त खण्डेलवाल ने मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर प्रदेश कार्यालय के सामने अरेरा मंडल, वार्ड क्रमांक 45 के बूथ क्रमांक 159 स्थित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा एवं प्रदेश कार्यालय में डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और बलिदान से एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संकल्प साकार हो रहा है। देश के विभाजन के दौर में जब पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्से को पाकिस्तान में शामिल करने के प्रयास हो रहे थे, तब उन्होंने दृढ़ता के साथ उसका विरोध किया। प्रदेश में यूसीसी लागू करने के लिए व्यापक जनसंवाद और हर वर्ग की राय को महत्व दिया जा रहा है। अभी तक बड़ी संख्या में लोगों ने सुझाव दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की विचारधारा, राष्ट्र के प्रति उनकी दूरदृष्टि और देश की एकता एवं अखंडता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने ही भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, वही जनसंघ आज विश्व के सबसे बड़े व सर्वव्यापी राजनैतिक दल भाजपा के रूप में हम सबके सामने है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मौलिक चिंतक, राष्ट्रवादी विचारक, भारतीय जीवन मूल्यों के संस्कारित पुजारी थे। इसी तरह प्रदेश भर में बूथों पर डॉ. मुखर्जी को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किये गए।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मिल रहा अभूतपूर्व जनसमर्थन-डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले महान राष्ट्रनायक थे। जनसंघ की स्थापना के माध्यम से उन्होंने देश को वैचारिक राजनीति की नई दिशा दी। उनका संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा का संघर्ष था। जम्मू-कश्मीर का भारत में पूर्ण एकीकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन का प्रमुख संकल्प था। उस समय जम्मू-कश्मीर में लागू विशेष प्रावधानों और अलग व्यवस्था के विरोध में व्यापक जनआंदोलन खड़ा हुआ। इस संघर्ष में हजारों राष्ट्रभक्त कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अनेक लोगों ने बलिदान दिए। डॉ. मुखर्जी स्वयं बिना परमिट जम्मू-कश्मीर पहुंचे और राष्ट्र की एकता के लिए संघर्ष करते हुए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। देश के विभाजन के दौर में जब पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्से को पाकिस्तान में शामिल करने के प्रयास हो रहे थे, तब उन्होंने दृढ़ता के साथ उसका विरोध किया। उनके अथक प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही पश्चिम बंगाल का एक बड़ा भू-भाग भारत का अभिन्न हिस्सा बना रहा। उनका प्रसिद्ध उद्घोष ’एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ आज भी करोड़ों देशवासियों को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से भारतीय संविधान की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास की जिस विचारधारा को डॉ. मुखर्जी ने स्थापित किया था, उसी विचारधारा को आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी साकार कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भी विकास कार्यों को नई गति मिली है। राष्ट्रवादी विचारधारा को जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है। राष्ट्रभक्ति के प्रतीक ’वंदे मातरम और जन गण मन’ पूरे सम्मान और गौरव के साथ गूंज रहे हैं। यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की विजय का प्रतीक है।
समान नागरिक संहिता प्रदेश में जल्द लागू किया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी डॉ. मुखर्जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रदेश में व्यापक जनसंवाद किया गया है। प्रदेश के 55 जिलों और सभी तहसीलों में विभिन्न वर्गों, समुदायों और सामाजिक संगठनों से सुझाव प्राप्त किए गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के सुझाव आए हैं। लाखों नागरिकों ने अपने विचार साझा कर इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक और सहभागी बनाया है। हमारी सरकार केवल बहुमत के आधार पर निर्णय लेने में विश्वास नहीं करती, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने की भावना से कार्य करती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मंत्र ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को आत्मसात करते हुए प्रदेश सरकार जनभावनाओं के अनुरूप आगे बढ़ रही है। प्रदेश में विधानसभा के मानसून सत्र में इसे पारित करवाने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हमें राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य करने की प्रेरणा देता है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि हम सभी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर मध्यप्रदेश को विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए संकल्पित हों।
नई पीढ़ी डॉ. मुखर्जी के त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को सदैव स्मरण रखे – श्री हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की विचारधारा, राष्ट्र के प्रति उनकी दूरदृष्टि और देश की एकता एवं अखंडता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने ही भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, वही जनसंघ आज विश्व के सबसे बड़े व सर्वव्यापी राजनैतिक दल भाजपा के रूप में आप सबके सामने है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होने कष्मीर में “दो विधान, दो निशान, दो प्रधान का विरोध करते हुए बलिदान दिया। हमारी पार्टी बलिदान के आधार पर बनी पार्टी है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें संदेश देता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। देश के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर महापुरूष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के श्री चरणों में आज मध्यप्रदेश के हर बूथ पर पार्टी कार्यकताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम सभी उनके बताए मार्ग पर चलने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं और उनके बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे। श्री खण्डेलवाल ने कहा कि नई पीढ़ी डॉ. मुखर्जी के त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को सदैव स्मरण रखें तथा देश की एकता और अखंडता के लिए हर समय कार्य करने के लिए तत्पर रहंे। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस दौरान प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सांसद व प्रदेश मंत्री श्री रजनीश अग्रवाल, वरिष्ठ नेता श्री सुरेश पचौरी, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवानदास सबनानी, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नंदिता पाठक, प्रदेश महामंत्री श्री राहुल कोठारी, महापौर श्रीमती मालती राय, प्रदेश मंत्री श्रीमती संगीता सोनी, श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री श्याम महाजन, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, संभाग प्रभारी व विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री भगवान सिंह परमार, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम टेलर, विधायक श्री हरि सिंह सप्रे, चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विशाल सिंह बघेल, जिला प्रभारी श्री जसवंत सिंह हाड़ा, जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति एवं पूर्व जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी सहित पार्टी के प्रदेश व जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी सख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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