मुक बधिर दूल्हा और दुल्हन ने लिए सात फेरे जीने मरने की इशारों इशारों में खाई कसम

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  • 8 वर्षों से यशोदा स्वाधार गृह शोभापुर में कर रही है निवास

सारनी। मुन्नी उर्फ यशोदा के खुशी का ठिकाना नहीं था 8 वर्ष के बाद स्वाधार गृह से बड़े धूमधाम के साथ मंगलवार को अक्षय तृतीय के उपलक्ष में उसका विवाह दोपहर 12 बजे संपन्न हुआ इस अवसर पर ग्राम भारती महिला मंडल के अलावा महिला बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी संजय जैन सारणी थाना प्रभारी एवं सारनी एसडीओपी सहित कई पदाधिकारी इसके गवाह बने,दूल्हा संजय बंजारा यह भी मुक बधिर है और इसकी खुशी का ठिकाना नहीं था हालांकि इस शादी में मूक-बधिर दूल्हे की तरफ से दूल्हे की मां मौसी बहन भाई सहित बहुत से रिश्तेदार उपस्थित हुए,मुन्नी उर्फ यशोदा जनवरी 2016 को स्वाधार गृह शोभापुर आई हुई थी इसके मां पिताजी नहीं है,पिछले 8 वर्षों से ग्राम भारती महिला मंडल की पदाधिकारी ही मुन्नी उर्फ यशोदा की देखरेख कर रही हैं। दूल्हा संजय बंजारा नर्मदा पुरम के बाबई तहसील के माखन नगर से बारात लेकर आया था बड़े धूमधाम के साथ पूरी रीति नीति के अनुरूप दोनों मुक बधिर का विवाह संपन्न कराने का कार्य किया गया। ग्राम भारती महिला मंडल की महिलाओं ने विवाह में किसी भी तरह की कोई कमी ना रह जाए इसकी पूरी तैयारी कर रखी थी बाराती भी जो आए थे उन्हें इस तरह का महसूस नहीं हुआ कि वह मुक बधिर
के विवाह में शामिल होने आए हैं। महिला बाल विकास जिला अधिकारी संजय जैन की उपस्थिति में ग्राम भारती महिला मंडल के माध्यम से वर वधु को 25 हजार रुपये की एफडी बनाकर उन्हें सौंपने का काम किया गया जिस समय मुन्नी उर्फ यशोदा की विदाई का दृश्य था उस समय ग्राम भारती महिला मंडल की संस्थापक भारतीय अग्रवाल,नंदा सोनी सहित महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था महिलाओं ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वह मुन्नी उर्फ यशोदा का विवाह भी बड़े धूमधाम के साथ होगा और वह भी अपना घर परिवार बरसाने में सफल हो पाएगी मुक बधिर बगैर मां पिता की बच्ची के विवाह की चर्चा क्षेत्र में सुर्खियों में बनी हुई है और ग्राम भारती महिला मंडल के इस कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की जा रही है।ग्राम भारती महिला मंडल की संस्थापक एवं अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल के अथक प्रयासों से मुन्नी उर्फ यशोदा का विवाह मगलवार को स्वाधार गृह में संपन्न हुआ ग्राम भारती महिला मंडल की अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल ने बताया कि मुन्नी उर्फ यशोदा कहां की रहने वाली है इसकी जानकारी नहीं है उसके मां-बाप भी नहीं है और वह जन्म से बोल और सुन नहीं सकती है ठीक इसी तरह का लड़का है उस के परिवार से बातचीत करने के बाद लड़के पक्ष की तरफ से उसकी मां मौसी और तीन बहने मुन्नी उर्फ यशोदा को देखने आई है दोनों के बीच में सामंजस बनने के बाद मुक बधिर संजय बंजारा एवं मुन्नी उर्फ यशोदा की स्वाधार गृह शोभापुर में धूमधाम से विवाह कराया गया है।यशोदा मुक बधिर है और वर्ष 2016 से स्वाधार गृह में रहकर बड़ी निष्ठा के साथ सिलाई से विभिन्न प्रकार के कपड़े बनाने की कला को सीखने का काम किया स्वाधार गृह के छोटे बड़े सभी लोग मिलकर यशोदा की शादी की खुशी में शामिल होने पर अपना उत्साह इजहार करने से पीछे नहीं रह पाए।

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