- टेंट, लाइटिंग, सड़क सुधार, पार्किंग की रहेगी व्यवस्था, गोताखोर एवं हाईड्रा क्रेन रहेगी तैनात, पानी में उतरने पर रहेगी मनाही
सारनी। शारदीय नवरात्रि के समापन पर मां दुर्गा, काली एवं सरस्वती प्रतिमाओं का विसर्जन तवा नदी के राजडोह घाट पर किया जाएगा। शनिवार 17 अक्टूबर 2026 को नगर पालिका अध्यक्ष, थाना प्रभारी समेत अन्य विभागीय अधिकारियों ने यहां तैयारियों का जायजा लिया। आगामी 20 एवं 21 अक्टूबर को राजडोह घाट पर प्रतिमा विसर्जन हेतु व्यवस्थाएं की जाएंगी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी नितिन बिजवे ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रतिमा विसर्जन हेतु सुगम व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। इसके तहत राजडोह घाट पर हाईड्रा केन, गोताखोरों की व्यवस्था नगर पालिका द्वारा की जाएगी। अन्य तैयारियां भी नगर पालिका ने प्रारंभ कर दी हैं। निर्धारित गाईडलाइन अनुसार विसर्जन स्थल पर संपूर्ण व्यवस्थाएं की जाएंगी। शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, थाना प्रभारी जयपाल इवनाती, राजस्व निरीक्षक हितेश शाक्य, उपयंत्री रविंद्र वराठे, कमलेश पटेल सहित अन्य अधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लिया। घाट की सफाई, क्रेन हेतु व्यवस्थित स्थान बनाने के निर्देश दिए। अध्यक्ष ने कहा कि श्रद्धालुओं को विसर्जन स्थल पर कोई परेशानी ना हो इसके लिए टेंट, पेयजल, बैठक व्यवस्था एवं लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था की जाएं। सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। इस अवसर पर विनायक बागड़े, शिवम डेहरिया, सुनील सहारे सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
रात 10 के पूर्व विसर्जन करने का आग्रह, डीजे पर प्रतिबंध
थाना प्रभारी जयपाल इवनाती ने बताया कि थाना परिसर में आयोजित हुई शांति समिति की बैठक में हुए निर्णय अनुसार 20 एवं 21 अक्टूबर को रात 10 बजे के पूर्व विसर्जन किया जाएगा। उन्होंने बताया सभी समितियों से इस हेतु आग्रह किया गया है एवं समितियों द्वारा इसके लिए सहमति भी दी है। इसके अलावा डीजे का उपयोग भी निर्धारित मानक क्षमता के स्पीकरों के साथ ही रात 10 बजे के पूर्व ही किया जा सकेगा। किसी भी समिति सदस्य को पानी में उतरना एवं क्रेन पर चढ़ना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।