बैतूल। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, जयवंती हॉक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल में तीन दिवसीय ‘प्रवेश उत्सव–दीक्षारंभ 2026’ का शुभारंभ बुधवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं प्रार्थना के साथ उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ नवप्रवेशित विद्यार्थियों के पंजीयन एवं स्वागत के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मिनाक्षी चौबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासित वातावरण तथा उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, समयबद्धता, नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक सोच के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने का आह्वान किया। इसके उपरांत डॉ. सुभाष खातरकर ने परिचयात्मक सत्र में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020), परीक्षा प्रणाली, आईटी सेल, महाविद्यालय की वेबसाइट, ऑनलाइन सेवाओं तथा विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान की। साथ ही कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों के विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों ने अपने-अपने विभागों की विशेषताओं, पाठ्यक्रमों, रोजगार एवं शोध की संभावनाओं तथा विभागीय गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया।

प्रथम दिवस के अंतिम चरण में विद्यार्थियों को महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय एवं अन्य शैक्षणिक संसाधनों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें महाविद्यालयीन जीवन से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लेते हुए इसे अपने शैक्षणिक जीवन की प्रेरणादायक एवं सकारात्मक शुरुआत बताया। तीन दिवसीय ‘दीक्षारंभ-2026’ के माध्यम से विद्यार्थियों में महाविद्यालय के प्रति अपनत्व, आत्मविश्वास एवं उच्च शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।

By Vishal

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