• 2 की मी कच्चे मार्ग के कारण 16  की मी खाद लाने को मजबूर

आमला। शहर से लगे ग्राम नांदपुर ससाबड़,वल्लाचाल  देवठान अंधारिया के हजारों किसान ग्रामो के बीच के कच्चे मार्गो से बेहद परेशान है आलम यह है की ग्राम नांदपुर के किसानों की प्राथमिक शाख सोसायटी जहा से वे खाद फसलों के लिए लेते है वह ग्राम ससाबड में स्थित है और दोनों ग्रामो की दूरी महज 2 की मी है लेकिन बारिश में रास्ता बंद होने के कारण किसानों को खाद लेने ससुन्दरा हाइवे मार्ग से 16 की मी का फेर लगाकर आना पड़ता है ।हालांकि आमला होते 11 की मी ससाबड पड़ता है लेकिन रेलवे की बेल नदी पर ब्रिज पर एंगल डली होने से ट्रेक्टर खाद लेकर नही निकल पाते ।
ग्राम के अनिल पुंडे ने बताया चुनाव के समय सत्तापक्ष के नेता विकास के बड़े बड़े दावे कर वोट मांगते है आज 25 वर्षो से आसपास के ग्रामो के बीच की सड़कें पक्की नही हो पाई न कोई ग्रेवल मुख्यमंत्री सड़क जिसके कारण किसानों को दिन रात कच्चे मार्गो में दलदल भरे रास्तो से खेत आना जाना पड़ता है ।

इन ग्रामो के बीच मार्ग बारिश में हो जाते बंद

शहर के पास के ग्राम नांदपुर से ससाबड़ वल्लाचाल ,अंधारिया से जामठी देवठान,  छावल से देवगांव ,कनोजिया से खापा परसोडा से पोहि लालावाड़ी से राजोला ग्रामो के बीच कच्चे होने से आपस मे ग्रामो के संपर्क टूट जाते है जिसके कारण किसानों को भारी परेशानी उठाकर आवाजाही करनी पड़ती है जिससे किसानों में आक्रोश है।

वर्षो से कर रहे मांग नही बनी बेलमण्डई से ससुन्द्रा तक सड़क

गौरतलब होगा की हाइवे से लगे ग्राम ससुन्दरा और बेलमण्डई तक सड़क नही बनी जबकि वर्षो से ग्रामीण मांग कर रहे है इसके अलावा बेलमण्डई से पंखा आमला सड़क तक डेढ़ किलोमीटर का मार्ग आज भी कच्चा है और बारिश में रास्ता काफी ऊबड़खाबड़ हो जाता है जिसके कारण बारिश में ग्राम तक चौपहिया वाहन नही पहुच पाते दोपहिया वाहन भी बमुश्किल आवाजाही कर पाते है ।वही तिर्महु से सोनतलाई तक मार्ग भी कच्चा होने से किसान प्राथिमक शाख सोसायटी खाद बीज लेने अन्य मार्गो से पहुचते है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

By Vishal

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