- बैतूल में अब सिर्फ पांच लोग सौंप सकेंगे ज्ञापन, 100 मीटर दायरे में प्रदर्शन प्रतिबंधित
बैतूल। कलेक्ट्रेट परिसर में हाल ही में हुए हंगामे के बाद मंगलवार से जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में सामूहिक प्रवेश, प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया को नियंत्रित किया गया है।
यह कदम 29 मई को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर बड़ी संख्या में प्रवेश करने और नारेबाजी करने की घटना के बाद उठाया गया है। इस घटना के बाद परिसर में हंगामे की स्थिति बनी थी। इस मामले ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया था, जिसमें कांग्रेस नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल उठाए थे।
ज्ञापन सौंपने से पहले अनुमति लेना होगा नए आदेशों के अनुसार, अब कोई भी संगठन या समूह बिना पूर्व अनुमति के सामूहिक रूप से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। ज्ञापन सौंपने के लिए आयोजक को पहले अनुमति लेनी होगी। आवेदन में अधिकतम पांच व्यक्तियों के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। अनुमति मिलने के बाद केवल वही पांच लोग निर्धारित समय पर कलेक्ट्रेट पहुंच सकेंगे।
सामूहिक ज्ञापन केवल कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार क्रमांक-1 पर ही स्वीकार किए जाएंगे। कलेक्ट्रेट परिसर और उसकी 100 मीटर की परिधि में नारेबाजी, धरना-प्रदर्शन और बिना अनुमति समूह में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी रैली या जुलूस के आयोजन के लिए 48 घंटे पूर्व पुलिस को सूचना देना और संबंधित एसडीएम से अनुमति लेना भी अनिवार्य होगा।
हथियारनुमा सामग्री लेकर जाने पर पूरी तरह रोक प्रशासन ने परिसर में लाठी, डंडे, पत्थर, ज्वलनशील पदार्थ, पटाखे, पेट्रोल तथा अन्य हथियारनुमा सामग्री लेकर आने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अतिरिक्त, भारी और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, शासकीय कार्यक्रमों, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
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